दिल्ली बनी किले जैसी, पुतिन दौरे से पहले सुरक्षा के बहु-स्तरीय जाल तैनात

दो दिवसीय राज्य-दौरे से पहले राजधानी में एयर-टू-ग्राउंड तक मल्टी-ग्रिड सुरक्षात्मक कवच सक्रिय

रूस के राष्ट्रपति के दो दिवसीय भारत दौरे के मद्देनजर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा-व्यवस्था को नए सिरे से मुस्तैद कर दिया गया है। प्रशासन ने पारंपरिक सुरक्षात्मक इंतज़ामों के साथ अब एक बहु-स्तरीय (multi-grid) कवच तैयार किया है, जो हवाई, सड़क, साइबर और इंटेलिजेंस लेयरों को एकीकृत करता है।

एयरस्पेस में रडार कवरेज बढ़ाया गया है और एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अनाधिकृत हवाई गतिविधि को फौरन रोका जा सके। विमानन सुरक्षा एजेंसियां प्लेन के मार्ग और हवाई अड्डे के पास विशेष चेकिंग कर रही हैं। जमीन पर राष्ट्रपति के आगमन-मार्ग और कार्यक्रम स्थलों पर सील-ज़ोन बनाए गए हैं; बैरिकेडिंग, विज़िट-पास, और नियमित चेक-पोस्टिंग लागू है।

कदम-दर-कदम निगरानी के लिए सैंकड़ों सीसीटीवी और मोबाइल निगरानी यूनिटों का नेटवर्क सक्रिय किया गया है। स्पेशल फ़ोर्सेज और लोकल पुलिस के साथ-साथ एनएसजी-बम निरोधक और सुरक्षा फोरसिज को भी ऑन-रिस्ट हैं। रूट-क्लियरेंस के साथ अस्पतालों और इमरजेंसी सर्विसेज की प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ा दी गई है।

साइबर-सुरक्षा भी खास फोकस में है — कोई भी डिजिटल खतरा या सोशल मीडिया में फैलने वाली अफ़वाहों पर नजर रखने के लिए साइबर टीमें सतर्क रखी गई हैं। साथ ही, मीडिया-कोऑर्डिनेशन ज़ोन और प्रेस गैलरी के लिए अलग-से सिक्योरिटी SOP बनाए गए हैं ताकि कवरेज में व्यवधान न आए।

यातायात व्यवधान के मद्देनज़र कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन पहले से घोषणा कर दिए गए हैं और जनता को अलर्ट रखने के लिए अपडेट जारी किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह सुरक्षा कवच सार्वजनिक तथा राजनैतिक दोनों प्रकार की घटनाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है — उद्देश्य न केवल अतिथि की सुरक्षा बल्कि राजधानी की सामान्य सुरक्षा और निर्बाध शांति सुनिश्चित करना भी है।

विदेश में भी आतंकीय छाप — कैलिफोर्निया फायरिंग की जिम्मेदारी गोदारा गिरोह ने मानी

गैंग ने सोशल-पोस्ट में हमला स्वीकारा;

आरोपियों ने ISI-फंडिंग का इल्जाम भी लगाया

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय गैंगस्टरों से जुड़ी हिंसा एक बार फिर सुर्खियों में है। रोहित गोदारा नामक गिरोह ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि अमेरिका के कैलिफोर्निया में पूर्व दिन हुई फायरिंग वही करवाना चाहते थे और उन्होंने इस घटना की जिम्मेदारी सुनाई है। पोस्ट में कहा गया है कि फायरिंग का निशाना राकेश राजदेव (जिसे रिपोर्टों में पीड़ित बताया गया है) था। गोल-बारूद चलाने और विदेशी ठिकानों पर हमले करवाने के ऐसे दावे से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। 

गैंग ने अपने पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि पीड़ित या उसके नेटवर्क ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी—ISI—को फंडिंग की है, और ऐसे ‘देशविरोधी’ कृत्यों को वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह स्पष्ट कर दिया गया है कि गिरोह विदेशों में भी निशाना साधने में सक्षम होने का दावा कर रहा है, जिसने दोनों देशों की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र के समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित किया है। तथापि, इन आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है।  

भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां इस पोस्ट और घटना की जांच कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल-मीडिया पर ऐसे बयानों के फैलने से न केवल कानूनी जांच जटिल होती है, बल्कि संभावित प्रतिशोध और अन्तरराष्ट्रीय कूटनीतिक तनाव भी उत्पन्न हो सकते हैं। पुलिस और खुफिया निकाय फिलहाल पुष्टि-योग्य साक्ष्य, मोबाइल/सोशल-एक्टिविटी और विदेशी सहयोग के जरिये सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं।  

अंत में, यह ध्यान देने योग्य है कि सोशल मीडिया दावों को तत्काल सत्य मान लेना जोखिम भरा होगा — इसलिए स्वतंत्र जांच और दोनों देशों के अधिकारियों के बीच समन्वय ही अंतिम तस्वीर बताएगा। नागरिकों व समुदायों से अपील है कि अफवाहों को फैलाकर तनाव न बढ़ाएँ और किसी भी संदिग्ध जानकारी की सूचना स्थानीय कानून-निग्रह इकाइयों को दें।