लोकसभा में सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का विवादित बयान — “शायद हमें जिहाद करना पड़ेगा” कहा
वक्फ संपत्ति मुद्दे पर बोले सांसद
लोकसभा के शून्यकाल के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण और मुस्लिम समुदाय की स्थिति को लेकर तीखा वक्तव्य दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देख कर “शायद हमें दोबारा लड़ना और जिहाद करना पड़ेगा।” यह टिप्पणी सदन में चर्चा का विषय बन गई और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज हो गई।
नदवी ने अपने भाषण में कहा कि वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण में गड़बड़ी और ‘उम्मीद’ पोर्टल पर बड़ी संख्या में संपत्तियों का न पंजीकरण होना समुदाय के अधिकारों के कमजोर किए जाने का संकेत है, और इसी संदर्भ में उन्होंने मौलाना महमूद मदनी के बयान का समर्थन करते हुए यह टिप्पणी की।
सत्ता पक्ष के कई सांसदों और नेताओं ने नदवी के बयान की कड़ी निंदा की और कहा कि संसद जैसा मंच देश की एकता-सौहार्द के लिए है, न कि ऐसी उत्तेजक टिप्पणियों के लिए; कुछ सांसदों ने माफी और शिष्टाचार का पालन किए जाने की मांग भी की। विपक्ष-सरकार के बीच इस पर बहस और तीखी टिप्पणियों का दौर चला।
घटना का वीडियो और सदन का वाकया सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे राजनीतिक दलों ने बयान को लेकर बयानबाजी तेज कर दी — कुछ ने सांसद को निलंबन या माफी तक की मांग कर डाला, तो कुछ ने यह भी कहा कि बात की संदर्भ-समझ के बिना बहस न की जाए। मामला तेजी से राजनीतिक बहस का विषय बन गया है और आगे के राजनीतिक-नैतिक आकलन जारी रहने की सम्भावना है।
पुलिस या संसदीय समिति-स्तर पर कोई औपचारिक कार्रवाई या संज्ञान की खबर अभी सार्वजनिक नहीं हुई है; लोकसभा नियम और पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया आगे की दिशा तय करेगी।

