ढाबे में शराब परोसने का गैरकानूनी ठिकाना पकड़ा गया

आबकारी टीम की छापेमारी में खुलासा, काउंटर पर बैठे युवक के खिलाफ मुकदमा

हरियाणा के बहादुरगढ़ शहर में आबकारी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का एक बड़ा मामला सामने आया है। आबकारी विभाग की टीम ने पंजाबी चिकन कॉर्नर नामक ढाबे पर छापेमारी कर अवैध अहाता पकड़ा है, जहां बिना किसी लाइसेंस के ग्राहकों को शराब परोसी जा रही थी। कार्रवाई के दौरान ढाबे के काउंटर पर बैठे एक व्यक्ति को मौके से दबोच लिया गया, जिसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

आबकारी विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त ढाबे में खुलेआम शराब पिलाई जा रही है और वहां देर रात तक गैरकानूनी गतिविधियां चलती हैं। सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा। टीम के पहुंचते ही वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग मौके से खिसकने का प्रयास करने लगे, लेकिन काउंटर संभाल रहे व्यक्ति को पकड़ लिया गया।

जांच के दौरान ढाबे के भीतर से शराब की बोतलें, गिलास और अन्य सामग्री बरामद की गई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वहां अवैध रूप से अहाता संचालित किया जा रहा था। मौके पर मौजूद व्यक्ति से जब लाइसेंस संबंधी दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई वैध अनुमति पत्र पेश नहीं कर सका। इसके बाद आबकारी विभाग ने तुरंत उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की।

आबकारी अधिकारियों का कहना है कि अवैध अहातों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और किसी भी कीमत पर गैरकानूनी शराब कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तरह के अवैध ठिकाने न केवल कानून-व्यवस्था के लिए खतरा हैं, बल्कि सामाजिक माहौल को भी प्रभावित करते हैं।

कार्रवाई की खबर फैलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने भी इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे अवैध अहातों के कारण इलाके में नशाखोरी और झगड़ों की घटनाएं बढ़ रही थीं। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य संदिग्ध स्थानों पर भी छापेमारी की जाएगी।

खनन माफिया का दुस्साहस, पुलिस को घेरकर टिप्पर छुड़ाया

स्कॉर्पियो में आए बदमाश, सरकारी कार्रवाई में बाधा

हरियाणा के पंचकूला जिले में खनन माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद नजर आए कि उन्होंने पुलिस टीम को घेरकर जब्त किया गया टिप्पर ही छुड़ा लिया। यह सनसनीखेज घटना उस समय हुई, जब पुलिस अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक टिप्पर को कब्जे में लेकर थाने ले जा रही थी। इसी दौरान स्कॉर्पियो गाड़ियों में सवार होकर आए माफियाओं ने रास्ता रोक लिया और पुलिस पर दबाव बनाकर टिप्पर छुड़ा ले गए।

जानकारी के मुताबिक, खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध खनन में लिप्त एक टिप्पर को पकड़ा था। जैसे ही टीम वाहन को लेकर आगे बढ़ी, तभी पीछे से स्कॉर्पियो में सवार 8-10 लोग मौके पर पहुंच गए। आरोपियों ने पुलिस को चारों ओर से घेर लिया और धमकाते हुए टिप्पर छुड़ाकर ले गए। कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी कर आरोपियों का पीछा शुरू किया। करीब कुछ किलोमीटर तक चले पीछा अभियान के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को दबोच लिया, जबकि अन्य आरोपी अंधेरे और इलाके की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर फरार हो गए।

पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस से छीना-झपटी और अवैध खनन समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी हाल में माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना से यह भी साफ हो गया है कि खनन माफिया किस कदर संगठित और बेखौफ हो चुका है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

फर्जी अफसर बनकर छात्र से ठगी, एक लाख से ज्यादा ऐंठे

लड़की से जुड़े मुकदमे का डर दिखाया,

थर्ड डिग्री टॉर्चर की वीडियो दिखाकर वसूले 1.17 लाख

हरियाणा के बहादुरगढ़ में पुलिस अधिकारी बनकर छात्र से 1.17 लाख रुपये की ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को डीएसपी बताकर एक छात्र को केस में फंसाने की धमकी दी और थर्ड डिग्री टॉर्चर की वीडियो दिखाकर डराया। घबराए छात्र ने डर के कारण अलग-अलग किश्तों में ठग को 1 लाख 17 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

पीड़ित छात्र के अनुसार, उसे एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बहादुरगढ़ का डीएसपी बताते हुए कहा कि उसके खिलाफ एक लड़की ने गंभीर आरोप लगाए हैं और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी होने वाली है। आरोपी ने छात्र को यह भी कहा कि यदि उसने तुरंत पैसे नहीं दिए तो उसे थाने बुलाकर थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया जाएगा।

छात्र का भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने मोबाइल पर कथित थर्ड डिग्री टॉर्चर की एक वीडियो भी भेजी, जिससे वह और ज्यादा डर गया। आरोपी ने कहा कि मामले को “सेट” कराने के लिए उसे पैसों की जरूरत है। डर और घबराहट में छात्र ने आरोपी के बताए गए खाते में अलग-अलग तारीखों में कुल 1.17 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

कुछ समय बाद जब आरोपी का मोबाइल नंबर बंद हो गया और कोई कार्रवाई भी नहीं हुई, तब छात्र को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर पुलिस को सारी जानकारी दी और शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ ठगी, धमकी और फर्जी पहचान से धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। बैंक खातों की जांच शुरू कर दी गई है, जिनमें पैसे ट्रांसफर हुए थे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह साइबर ठगी का मामला प्रतीत होता है और आरोपी की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मान्यता पर संकट के बादल, माइनॉरिटी दर्जा पड़ सकता है निरस्त

NCMEI में पेश होंगे रजिस्ट्रार व शिक्षा सचिव

हरियाणा स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी का माइनॉरिटी दर्जा अब गंभीर संकट में आ गया है। विश्वविद्यालय पर आतंकी मॉड्यूल से जुड़े होने जैसे बेहद संवेदनशील आरोप सामने आने के बाद राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (NCMEI) ने मामले को संज्ञान में लिया है। अब इस पूरे प्रकरण पर एनसीएमईआई में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और शिक्षा विभाग के सचिव अपना पक्ष रखेंगे।

सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में सामने आए खुलासों में यह दावा किया गया कि विश्वविद्यालय परिसर का इस्तेमाल आपत्तिजनक और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए किया गया। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और खुफिया इनपुट के आधार पर यह भी कहा गया कि यहां से कथित तौर पर एक आतंकी मॉड्यूल संचालित किया जा रहा था। इन गंभीर आरोपों के बाद विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली और माइनॉरिटी दर्जे पर सवाल खड़े हो गए हैं।

यूनिवर्सिटी को दिया गया माइनॉरिटी स्टेटस उसके लिए कई शैक्षणिक और प्रशासनिक सुविधाओं का आधार है। यदि यह दर्जा समाप्त होता है, तो दाखिले से लेकर अनुदान तक पर बड़ा असर पड़ सकता है। इसी को लेकर अब एनसीएमईआई ने रजिस्ट्रार और राज्य के शिक्षा सचिव को तलब कर पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है।

शिक्षा विभाग की ओर से भी इस प्रकरण को गंभीरता से लिया जा रहा है। विभाग यह जांच कर रहा है कि विश्वविद्यालय को माइनॉरिटी दर्जा किन आधारों पर दिया गया था और क्या उसके नियमों का उल्लंघन हुआ है। वहीं विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि उस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं और वे सभी तथ्यों के साथ अपना पक्ष आयोग के समक्ष रखेंगे।

इस घटनाक्रम के बाद छात्रों और अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। हजारों विद्यार्थियों का भविष्य इस फैसले से जुड़ा हुआ है। अब सभी की नजरें एनसीएमईआई की आगामी सुनवाई और उसके निर्णय पर टिकी हैं, जिसने इस मामले को बेहद अहम बना दिया है।

जेलों में बच्चों की रहने की अवधि बढ़ी, अब 8 साल तक रह सकेंगे साथ

महिला कैदियों के बच्चों के लिए नियमों में बदलाव, विभाग ने 2 साल तक बढ़ाई सीमा

हरियाणा की जेलों में बंद महिला कैदियों के बच्चों को लेकर सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब जेलों में बच्चे अपनी मां के साथ 8 वर्ष की आयु तक रह सकेंगे। पहले यह सीमा 6 वर्ष निर्धारित थी, जिसे अब विभाग द्वारा दो साल और बढ़ा दिया गया है। इस फैसले से उन बच्चों को राहत मिलेगी जो अब तक कम उम्र में ही मां से अलग कर दिए जाते थे।

जेल विभाग के अनुसार, राज्य की विभिन्न जेलों में इस समय कुल 816 महिला कैदी बंद हैं, जिनमें से 47 बच्चे अपनी माताओं के साथ जेल परिसर में रह रहे हैं। इन बच्चों की देखभाल, पोषण और शिक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी भी जेल प्रशासन निभा रहा है। बच्चों के लिए अलग बैरक, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य जांच और शुरुआती शिक्षा की व्यवस्था पहले से ही की जा रही है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। छह साल की आयु में बच्चे अपनी मां से अलग हो जाते थे, जिससे उन्हें मानसिक आघात झेलना पड़ता था। अब दो साल अतिरिक्त समय मिलने से बच्चों को मां का संरक्षण और भावनात्मक सहयोग अधिक समय तक मिल सकेगा।

जेलों में रहने वाले इन बच्चों के लिए समय-समय पर मेडिकल चेकअप, टीकाकरण और पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। कुछ जेलों में बच्चों के लिए आंगनबाड़ी जैसी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं, ताकि उन्हें प्रारंभिक शिक्षा मिल सके।

हालांकि, 8 साल पूरे होने के बाद बच्चों को परिवार के किसी सदस्य या सरकारी संरक्षण में भेजा जाएगा। इस दौरान सामाजिक कल्याण विभाग और बाल संरक्षण इकाइयों की भी भूमिका तय की गई है, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

इस फैसले के बाद महिला कैदियों और सामाजिक संगठनों ने सरकार के कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह निर्णय बच्चों के हित में है और इससे उनका बचपन कुछ हद तक सामान्य रह सकेगा।

जैकेट में छिपाई थी नकल की पर्ची, 4 लाख रुपये देकर पास कराने का किया दावा

रेलवे भर्ती परीक्षा में नकल करते पकड़ा गया हरियाणा का युवक

रेलवे भर्ती परीक्षा के दौरान नकल का एक गंभीर मामला सामने आया है। परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिस और फ्लाइंग स्क्वॉड की सतर्कता से हरियाणा के एक युवक को नकल सामग्री के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया गया। आरोपी युवक ने अपनी जैकेट के अंदर नकल की पर्ची छिपा रखी थी, जिसे तलाशी के दौरान बरामद किया गया।

परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से पहले जब अभ्यर्थियों की सघन जांच की जा रही थी, उसी दौरान सुरक्षाकर्मियों को युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। उसके जैकेट की तलाशी लेने पर अंदर से हाथ से लिखी हुई पर्चियां मिलीं, जिनमें सवालों के संभावित उत्तर दर्ज थे। तुरंत ही युवक को हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसने रेलवे भर्ती परीक्षा पास कराने के लिए दलालों के माध्यम से चार लाख रुपये की रकम दी थी। इसके बदले उसे नकल सामग्री उपलब्ध कराई गई थी और परीक्षा के दौरान सहायता करने का भरोसा दिया गया था। आरोपी ने यह भी बताया कि उसे यह सामग्री परीक्षा से कुछ समय पहले दी गई थी।

घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ नकल अधिनियम और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस अब उस नेटवर्क की तलाश में जुट गई है, जिसने युवक को नकल का सामान मुहैया कराया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाया जाएगा कि इसमें और कितने लोग शामिल हैं। प्रशासन ने दोहराया कि परीक्षा की शुचिता से कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा और नकल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

दुनिया का सबसे लंबा ई-हाईवे भारत में बनाने की योजना

दिल्ली से जयपुर तक हरित परिवहन को मिलेगी रफ्तार

भारत जल्द ही दुनिया का सबसे लंबा ई-हाईवे बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। दिल्ली–गुरुग्राम–जयपुर हाईवे को पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों के अनुकूल ई-हाईवे के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस हाईवे पर हर 10 किलोमीटर की दूरी पर अत्याधुनिक EV चार्जिंग हब स्थापित किए जाएंगे, जहां इलेक्ट्रिक कार, बस और ट्रक कुछ ही समय में चार्ज हो सकेंगे। खास बात यह होगी कि इन चार्जिंग स्टेशनों को बिजली हवा और हाइड्रोजन जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों से उपलब्ध कराई जाएगी।

परियोजना का उद्देश्य प्रदूषण कम करना, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाना और देश में हरित परिवहन को बढ़ावा देना है। अधिकारियों के अनुसार, यह हाईवे न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में अपनी तरह का सबसे लंबा ई-हाईवे होगा। इससे दिल्ली, एनसीआर और राजस्थान के बीच यात्रा पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल बन सकेगी।

इस ई-हाईवे पर सोलर पैनल, पवन ऊर्जा टर्बाइन और हाइड्रोजन एनर्जी से चलने वाली पावर यूनिट्स लगाई जाएंगी। EV चार्जिंग हब के साथ-साथ आरामगृह, कैफेटेरिया और इमरजेंसी सर्विस सेंटर भी विकसित किए जाएंगे। इससे यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की गति और तेज होगी। साथ ही, लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि बिजली से चलने वाले भारी वाहन आसानी से इस रूट पर सफर कर सकेंगे। इससे डीजल और पेट्रोल की खपत में बड़ी कमी आएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट भारत को ग्रीन एनर्जी और ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला सकता है। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। सरकार जल्द ही इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत रूपरेखा और समयसीमा जारी कर सकती है।

लोकसभा में सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का विवादित बयान — “शायद हमें जिहाद करना पड़ेगा” कहा

वक्फ संपत्ति मुद्दे पर बोले सांसद

लोकसभा के शून्यकाल के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण और मुस्लिम समुदाय की स्थिति को लेकर तीखा वक्तव्य दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देख कर “शायद हमें दोबारा लड़ना और जिहाद करना पड़ेगा।” यह टिप्पणी सदन में चर्चा का विषय बन गई और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज हो गई।

नदवी ने अपने भाषण में कहा कि वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण में गड़बड़ी और ‘उम्मीद’ पोर्टल पर बड़ी संख्या में संपत्तियों का न पंजीकरण होना समुदाय के अधिकारों के कमजोर किए जाने का संकेत है, और इसी संदर्भ में उन्होंने मौलाना महमूद मदनी के बयान का समर्थन करते हुए यह टिप्पणी की।

सत्ता पक्ष के कई सांसदों और नेताओं ने नदवी के बयान की कड़ी निंदा की और कहा कि संसद जैसा मंच देश की एकता-सौहार्द के लिए है, न कि ऐसी उत्तेजक टिप्पणियों के लिए; कुछ सांसदों ने माफी और शिष्टाचार का पालन किए जाने की मांग भी की। विपक्ष-सरकार के बीच इस पर बहस और तीखी टिप्पणियों का दौर चला।

घटना का वीडियो और सदन का वाकया सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे राजनीतिक दलों ने बयान को लेकर बयानबाजी तेज कर दी — कुछ ने सांसद को निलंबन या माफी तक की मांग कर डाला, तो कुछ ने यह भी कहा कि बात की संदर्भ-समझ के बिना बहस न की जाए। मामला तेजी से राजनीतिक बहस का विषय बन गया है और आगे के राजनीतिक-नैतिक आकलन जारी रहने की सम्भावना है।

पुलिस या संसदीय समिति-स्तर पर कोई औपचारिक कार्रवाई या संज्ञान की खबर अभी सार्वजनिक नहीं हुई है; लोकसभा नियम और पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया आगे की दिशा तय करेगी।

दिल्ली बनी किले जैसी, पुतिन दौरे से पहले सुरक्षा के बहु-स्तरीय जाल तैनात

दो दिवसीय राज्य-दौरे से पहले राजधानी में एयर-टू-ग्राउंड तक मल्टी-ग्रिड सुरक्षात्मक कवच सक्रिय

रूस के राष्ट्रपति के दो दिवसीय भारत दौरे के मद्देनजर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा-व्यवस्था को नए सिरे से मुस्तैद कर दिया गया है। प्रशासन ने पारंपरिक सुरक्षात्मक इंतज़ामों के साथ अब एक बहु-स्तरीय (multi-grid) कवच तैयार किया है, जो हवाई, सड़क, साइबर और इंटेलिजेंस लेयरों को एकीकृत करता है।

एयरस्पेस में रडार कवरेज बढ़ाया गया है और एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अनाधिकृत हवाई गतिविधि को फौरन रोका जा सके। विमानन सुरक्षा एजेंसियां प्लेन के मार्ग और हवाई अड्डे के पास विशेष चेकिंग कर रही हैं। जमीन पर राष्ट्रपति के आगमन-मार्ग और कार्यक्रम स्थलों पर सील-ज़ोन बनाए गए हैं; बैरिकेडिंग, विज़िट-पास, और नियमित चेक-पोस्टिंग लागू है।

कदम-दर-कदम निगरानी के लिए सैंकड़ों सीसीटीवी और मोबाइल निगरानी यूनिटों का नेटवर्क सक्रिय किया गया है। स्पेशल फ़ोर्सेज और लोकल पुलिस के साथ-साथ एनएसजी-बम निरोधक और सुरक्षा फोरसिज को भी ऑन-रिस्ट हैं। रूट-क्लियरेंस के साथ अस्पतालों और इमरजेंसी सर्विसेज की प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ा दी गई है।

साइबर-सुरक्षा भी खास फोकस में है — कोई भी डिजिटल खतरा या सोशल मीडिया में फैलने वाली अफ़वाहों पर नजर रखने के लिए साइबर टीमें सतर्क रखी गई हैं। साथ ही, मीडिया-कोऑर्डिनेशन ज़ोन और प्रेस गैलरी के लिए अलग-से सिक्योरिटी SOP बनाए गए हैं ताकि कवरेज में व्यवधान न आए।

यातायात व्यवधान के मद्देनज़र कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन पहले से घोषणा कर दिए गए हैं और जनता को अलर्ट रखने के लिए अपडेट जारी किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह सुरक्षा कवच सार्वजनिक तथा राजनैतिक दोनों प्रकार की घटनाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है — उद्देश्य न केवल अतिथि की सुरक्षा बल्कि राजधानी की सामान्य सुरक्षा और निर्बाध शांति सुनिश्चित करना भी है।

दिल्ली में शीतलहर व स्मॉग ने दिल्लीवासी परेशान कर दिया

IMD ने ठंड की चेतावनी दी है और पारे में गिरावट के साथ हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘बहुत खराब/सेवियर’ की ओर बदली है।

दिल्ली में इस सर्दी की शुरुआत कड़ी रही — मौसम विभाग (IMD) ने पारे में लगातार गिरावट की सूचना देते हुए शीतलहर के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है। राजधानी का न्यूनतम तापमान Safdarjung स्टेशन पर करीब 6°C के आस-पास दर्ज किया गया, जिससे सुबहें काफ़ी ठंडी महसूस हो रही हैं। विभाग ने आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट की चेतावनी भी दी है।

सर्दी के साथ ही हवा की गुणवत्ता भी बिगड़ी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट के अनुसार हालिया माप में कई स्थानों का AQI ‘Very Poor’ से ऊपर रहा और कुछ सेंटरों पर ‘Severe’ कैटेगरी तक पहुँचा। सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से संवेदनशील वर्ग—बच्चे, बुजुर्ग और सांस संबंधी मरीज—को अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कम हवा-रफ्तार, तलछट (stable boundary layer) और पड़ोसी राज्यों से आने वाले प्रदूषण के कारण स्मॉग बन रहा है, जो दृश्यता घटाकर ट्रैवल में दिक्कतें और सांस लेने वाले रोग बढ़ा सकता है। ट्रैवलर और रोजमर्रा के लोगों के लिए सुबह-सुबह और देर रात की यात्रा में सतर्कता जरूरी है।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट मोड में रहने के संकेत दिए हैं—स्कूलों, विशेषकर प्राइमरी स्कूलों, के लिए सलाहें और सड़कों पर विज़िबिलिटी कम होने पर यातायात निर्देश जारी किए जा रहे हैं। लोगों से अपेक्षा है कि वे बाहरी कार्यों को टालें, मास्क पहनें और घरों में वक़्त-वक़्त पर वेंटिलेशन का ध्यान रखें, जबकि प्रशासन प्रदूषण-नियंत्रण व राहत कार्यों पर काम कर रहा है।