चार बच्चों की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, तंत्र-मंत्र के जाल में घिरा मामला

एमए-बीएड पास पूनम खुद को बताती थी युवक की आत्मा,

भतीजी के मर्डर में गिरफ्तार

tantric-connection-child-murderहरियाणा में चार मासूम बच्चों की हत्या के मामले ने पूरे प्रदेश को दहला दिया है। इस सनसनीखेज कांड में अब तांत्रिक गतिविधियों का चौंकाने वाला कनेक्शन सामने आया है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि इस पूरे मामले की मुख्य आरोपी एमए-बीएड पास पढ़ी-लिखी महिला पूनम खुद को एक युवक की आत्मा बताया करती थी और तंत्र-मंत्र के जरिए लोगों को प्रभावित करती थी। हाल ही में उसे अपनी ही भतीजी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, पूनम पिछले कुछ समय से तांत्रिक क्रियाओं में लिप्त थी और दावा करती थी कि उसके शरीर में एक युवक की आत्मा प्रवेश कर चुकी है। इसी अंधविश्वास के सहारे वह परिवार और आसपास के लोगों को अपने प्रभाव में लेती रही। जांच में सामने आया है कि उसने कथित तंत्र साधना और बलि के नाम पर बच्चों को निशाना बनाना शुरू किया।

सबसे ताजा मामला उसकी भतीजी की हत्या से जुड़ा है, जिसमें पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस का मानना है कि इससे पहले भी वह चार बच्चों की हत्या की साजिश में शामिल रही है या सीधे तौर पर जिम्मेदार रही है। इस दिशा में पुराने मामलों की भी दोबारा जांच की जा रही है।

बताया जा रहा है कि पूनम पढ़ी-लिखी होने के बावजूद अंधविश्वास के दलदल में इस कदर फंस गई कि उसने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। वह लोगों को डराने के लिए आत्मा, तंत्र-मंत्र और अनिष्ट होने की बातें करती थी। कई लोग उसके झांसे में आकर उसकी बातों पर भरोसा भी करने लगे थे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ हत्या तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा मानसिक और तांत्रिक पक्ष भी जुड़ा हुआ है। आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और उससे जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।

इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि पढ़ी-लिखी महिला भी अंधविश्वास के नाम पर इस हद तक कैसे जा सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास से दूर रहें और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

विदेश में भी आतंकीय छाप — कैलिफोर्निया फायरिंग की जिम्मेदारी गोदारा गिरोह ने मानी

गैंग ने सोशल-पोस्ट में हमला स्वीकारा;

आरोपियों ने ISI-फंडिंग का इल्जाम भी लगाया

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय गैंगस्टरों से जुड़ी हिंसा एक बार फिर सुर्खियों में है। रोहित गोदारा नामक गिरोह ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि अमेरिका के कैलिफोर्निया में पूर्व दिन हुई फायरिंग वही करवाना चाहते थे और उन्होंने इस घटना की जिम्मेदारी सुनाई है। पोस्ट में कहा गया है कि फायरिंग का निशाना राकेश राजदेव (जिसे रिपोर्टों में पीड़ित बताया गया है) था। गोल-बारूद चलाने और विदेशी ठिकानों पर हमले करवाने के ऐसे दावे से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। 

गैंग ने अपने पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि पीड़ित या उसके नेटवर्क ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी—ISI—को फंडिंग की है, और ऐसे ‘देशविरोधी’ कृत्यों को वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह स्पष्ट कर दिया गया है कि गिरोह विदेशों में भी निशाना साधने में सक्षम होने का दावा कर रहा है, जिसने दोनों देशों की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र के समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित किया है। तथापि, इन आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है।  

भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां इस पोस्ट और घटना की जांच कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल-मीडिया पर ऐसे बयानों के फैलने से न केवल कानूनी जांच जटिल होती है, बल्कि संभावित प्रतिशोध और अन्तरराष्ट्रीय कूटनीतिक तनाव भी उत्पन्न हो सकते हैं। पुलिस और खुफिया निकाय फिलहाल पुष्टि-योग्य साक्ष्य, मोबाइल/सोशल-एक्टिविटी और विदेशी सहयोग के जरिये सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं।  

अंत में, यह ध्यान देने योग्य है कि सोशल मीडिया दावों को तत्काल सत्य मान लेना जोखिम भरा होगा — इसलिए स्वतंत्र जांच और दोनों देशों के अधिकारियों के बीच समन्वय ही अंतिम तस्वीर बताएगा। नागरिकों व समुदायों से अपील है कि अफवाहों को फैलाकर तनाव न बढ़ाएँ और किसी भी संदिग्ध जानकारी की सूचना स्थानीय कानून-निग्रह इकाइयों को दें।