दिल्ली प्रदूषण के खिलाफ सख्त कार्रवाई — रोड कटिंग और खुले मलबे पर FIR का फरमान

दिल्ली-NCR में बढ़ती वायु-प्रदूषण की फिक्र के बीच सरकार ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उच्च-स्तरीय बैठक के बाद जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक अनधिकृत रूप से रोड कटिंग करने, निर्माण-मलबा खुले में फेंकने या धूल फैलाने वाले अन्य कार्यों पर अब FIR दर्ज की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों/एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। यह फैसला राजधानी व आसपास के क्षेत्रों में 100% डस्ट मिटिगेशन लागू कराने के उद्देश्य से लिया गया है।

प्रदूषण नियंत्रण के रोज़मर्रा के कारणों में सड़कों पर उड़ने वाली धूल और टूटे-फूटे रोड से उठने वाला कण बड़ा योगदान करते हैं। इसलिए सरकार ने सभी विभागों—MCD, PWD, DDA, DMRC समेत—को कठोर निर्देश दिए हैं और कहा है कि गड्ढों (potholes) की मरम्मत 72 घंटे के भीतर सुनिश्चित की जाए। इससे धूल फैलने और ट्रैफिक-स्लो-डाउन के कारण ईंधन-खपत बढ़ने से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।

डस्ट-नियंत्रण के लिए DPCC ने रोड-कटिंग पर SOP जारी की है — बड़े रास्तों पर दो मीटर ऊंची डस्ट-बैरीयर लगाने, ढीले मिट्टी व C&D वेस्ट को ढंककर रखना और नियमित पानी छिड़काव जैसी शर्तें अनिवार्य कर दी गई हैं। उल्लंघन पर भारी जुर्माना और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।

सरकार का कहना है कि अब केवल बयानबाजी नहीं बल्कि जमीन पर असर दिखेगा—निगरानी, CCTV/सेंसर मॉनिटरिंग और विभागीय जवाबदेही से ‘ऑपरेशन-मोड’ में काम चलाया जाएगा। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे निर्माण-स्थलों या खुले मलबा फेंकने जैसी गतिविधियों की सूचना दें ताकि समय पर कानूनी एक्शन लिया जा सके।

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