रोडवेज बस की टक्कर से बड़ा हादसा, मां-बेटा गंभीर रूप से घायल

बाइक से खेत जा रहे थे दोनों, तेज रफ्तार बस ने मारी टक्कर

हरियाणा के नारनौल शहर में सड़क हादसे का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां रोडवेज बस की टक्कर से बाइक सवार मां और बेटा घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब दोनों बाइक पर सवार होकर अपने खेत की ओर जा रहे थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, महिला अपने बेटे के साथ रोज की तरह खेत में काम के लिए घर से निकली थी। जैसे ही वे मुख्य सड़क पर पहुंचे, पीछे से तेज रफ्तार में आ रही रोडवेज की बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को सड़क से उठाया और एंबुलेंस की मदद से उन्हें नारनौल के नागरिक अस्पताल भिजवाया।

डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद महिला की हालत को नाजुक देखते हुए उसे रोहतक PGI रेफर कर दिया, जबकि बेटे का इलाज नारनौल अस्पताल में जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, महिला के सिर और शरीर में गंभीर चोटें आई हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बस को कब्जे में ले लिया है, जबकि चालक से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस तेज रफ्तार में थी और चालक ने समय रहते ब्रेक नहीं लगाया, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई।

पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। उसके आधार पर रोडवेज बस चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और दुर्घटना करने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस हादसे के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती से रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

रूसी राष्ट्रपति की राजधानी में एंट्री, पहले दिन सर्वोच्च नेतृत्व से विशेष संवाद

भारत दौरे की औपचारिक शुरुआत,

शाम को प्रधानमंत्री संग निजी बैठक और रात्रिभोज कार्यक्रम

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने दो दिवसीय भारत दौरे पर राजधानी दिल्ली पहुंचे। उनके आगमन के साथ ही भारत-रूस संबंधों को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई। राजधानी के पालम एयरपोर्ट पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया, जहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। उच्चस्तरीय सुरक्षा कवच के बीच उनका काफिला सीधे निर्धारित निवास स्थल की ओर रवाना हुआ।

दिल्ली पहुंचने के बाद पहले दिन का कार्यक्रम बेहद सीमित लेकिन महत्वपूर्ण रखा गया। इस दौरान राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक निजी बैठक प्रस्तावित रही, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत औपचारिक बैठकों से पहले रणनीतिक मुद्दों पर आपसी तालमेल बनाने के उद्देश्य से रखी गई।

सूत्रों के अनुसार, इस निजी मुलाकात के दौरान वैश्विक हालात, ऊर्जा सहयोग, रक्षा सौदे, व्यापारिक साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर अनौपचारिक चर्चा हुई। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी की ओर से राष्ट्रपति पुतिन के सम्मान में विशेष रात्रिभोज का आयोजन किया गया, जिसमें बेहद सीमित संख्या में वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

पहले दिन के कार्यक्रम को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसी बातचीत से अगले दिन होने वाली औपचारिक वार्ताओं की दिशा तय होती है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से रणनीतिक साझेदारी रही है और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में यह दौरा खास महत्व रखता है।

राष्ट्रपति पुतिन के दौरे को लेकर दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। शहर के कई इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव और विशेष चेकिंग की गई है। सरकार के स्तर पर इस दौरे को भारत-रूस संबंधों को नई गति देने वाला कदम बताया जा रहा है।

अब सबकी निगाहें अगले दिन होने वाली आधिकारिक बैठकों और संभावित समझौतों पर टिकी हैं, जिनसे दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।