विदेश में भी आतंकीय छाप — कैलिफोर्निया फायरिंग की जिम्मेदारी गोदारा गिरोह ने मानी

गैंग ने सोशल-पोस्ट में हमला स्वीकारा;

आरोपियों ने ISI-फंडिंग का इल्जाम भी लगाया

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय गैंगस्टरों से जुड़ी हिंसा एक बार फिर सुर्खियों में है। रोहित गोदारा नामक गिरोह ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि अमेरिका के कैलिफोर्निया में पूर्व दिन हुई फायरिंग वही करवाना चाहते थे और उन्होंने इस घटना की जिम्मेदारी सुनाई है। पोस्ट में कहा गया है कि फायरिंग का निशाना राकेश राजदेव (जिसे रिपोर्टों में पीड़ित बताया गया है) था। गोल-बारूद चलाने और विदेशी ठिकानों पर हमले करवाने के ऐसे दावे से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।

गैंग ने अपने पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि पीड़ित या उसके नेटवर्क ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी—ISI—को फंडिंग की है, और ऐसे ‘देशविरोधी’ कृत्यों को वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह स्पष्ट कर दिया गया है कि गिरोह विदेशों में भी निशाना साधने में सक्षम होने का दावा कर रहा है, जिसने दोनों देशों की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र के समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित किया है। तथापि, इन आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है।

भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां इस पोस्ट और घटना की जांच कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल-मीडिया पर ऐसे बयानों के फैलने से न केवल कानूनी जांच जटिल होती है, बल्कि संभावित प्रतिशोध और अन्तरराष्ट्रीय कूटनीतिक तनाव भी उत्पन्न हो सकते हैं। पुलिस और खुफिया निकाय फिलहाल पुष्टि-योग्य साक्ष्य, मोबाइल/सोशल-एक्टिविटी और विदेशी सहयोग के जरिये सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं।

अंत में, यह ध्यान देने योग्य है कि सोशल मीडिया दावों को तत्काल सत्य मान लेना जोखिम भरा होगा — इसलिए स्वतंत्र जांच और दोनों देशों के अधिकारियों के बीच समन्वय ही अंतिम तस्वीर बताएगा। नागरिकों व समुदायों से अपील है कि अफवाहों को फैलाकर तनाव न बढ़ाएँ और किसी भी संदिग्ध जानकारी की सूचना स्थानीय कानून-निग्रह इकाइयों को दें।

रूसी राष्ट्रपति की राजधानी में एंट्री, पहले दिन सर्वोच्च नेतृत्व से विशेष संवाद

भारत दौरे की औपचारिक शुरुआत,

शाम को प्रधानमंत्री संग निजी बैठक और रात्रिभोज कार्यक्रम

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने दो दिवसीय भारत दौरे पर राजधानी दिल्ली पहुंचे। उनके आगमन के साथ ही भारत-रूस संबंधों को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई। राजधानी के पालम एयरपोर्ट पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया, जहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। उच्चस्तरीय सुरक्षा कवच के बीच उनका काफिला सीधे निर्धारित निवास स्थल की ओर रवाना हुआ।

दिल्ली पहुंचने के बाद पहले दिन का कार्यक्रम बेहद सीमित लेकिन महत्वपूर्ण रखा गया। इस दौरान राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक निजी बैठक प्रस्तावित रही, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत औपचारिक बैठकों से पहले रणनीतिक मुद्दों पर आपसी तालमेल बनाने के उद्देश्य से रखी गई।

सूत्रों के अनुसार, इस निजी मुलाकात के दौरान वैश्विक हालात, ऊर्जा सहयोग, रक्षा सौदे, व्यापारिक साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर अनौपचारिक चर्चा हुई। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी की ओर से राष्ट्रपति पुतिन के सम्मान में विशेष रात्रिभोज का आयोजन किया गया, जिसमें बेहद सीमित संख्या में वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

पहले दिन के कार्यक्रम को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसी बातचीत से अगले दिन होने वाली औपचारिक वार्ताओं की दिशा तय होती है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से रणनीतिक साझेदारी रही है और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में यह दौरा खास महत्व रखता है।

राष्ट्रपति पुतिन के दौरे को लेकर दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। शहर के कई इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव और विशेष चेकिंग की गई है। सरकार के स्तर पर इस दौरे को भारत-रूस संबंधों को नई गति देने वाला कदम बताया जा रहा है।

अब सबकी निगाहें अगले दिन होने वाली आधिकारिक बैठकों और संभावित समझौतों पर टिकी हैं, जिनसे दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।